
देवास। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पंडित रितेश त्रिपाठी ने मंगलवार को जनसुनवाई में जिलाधीश एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत देवास को आवेदन सौंपकर निजी विद्यालयों की कथित मनमानी, अवैध शुल्क वसूली, शिक्षा के अधिकार (आरटीई) के तहत प्रवेशित विद्यार्थियों के आर्थिक शोषण तथा शिक्षा विभाग की लापरवाही की शिकायत की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आठ दिनों के भीतर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा।
आवेदन में आरोप लगाया गया कि जिले के कई निजी विद्यालय प्रवेश फॉर्म के नाम पर 500 से 1000 रुपये तक शुल्क वसूल रहे हैं। इसके अलावा अभिभावकों पर निर्धारित दुकानों से ही पुस्तकें, कॉपियां, स्कूल ड्रेस और अन्य सामग्री खरीदने का दबाव बनाया जाता है। पुस्तकों पर निर्धारित मूल्य को बदलकर अधिक कीमत वसूलने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायत में यह भी कहा गया कि कई निजी विद्यालय शासन की निर्धारित मान्यता के अनुरूप भवनों में संचालित नहीं हो रहे हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। साथ ही विद्यालयों में शासन द्वारा निर्धारित योग्यता वाले शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होने तथा रिकॉर्ड में अलग और वास्तविक रूप से पढ़ाने वाले शिक्षक अलग होने का आरोप लगाया गया है। इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी एवं संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच की भी मांग की गई है। आवेदन में शिक्षकों का आर्थिक शोषण होने का मुद्दा भी उठाया गया। आरोप है कि शिक्षकों को शासन द्वारा निर्धारित वेतन नहीं दिया जा रहा है। मांग की गई कि शिक्षकों का भुगतान बैंक के माध्यम से सीधे उनके खातों में सुनिश्चित किया जाए। पंडित रितेश त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षा के अधिकार (आरटीई) के तहत प्रवेशित छात्र-छात्राओं से भी समय-समय पर विभिन्न मदों में अवैध शुल्क वसूला जा रहा है। वहीं निजी विद्यालयों द्वारा प्रतिवर्ष मनमाने तरीके से फीस बढ़ाने से अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उन्होंने शुल्क वृद्धि को नियमानुसार नियंत्रित करने की मांग की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अधिकांश निजी विद्यालयों में फायर सेफ्टी के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं, जिससे विद्यार्थियों की सुरक्षा खतरे में है। त्रिपाठी ने बताया कि इसी संबंध में एक माह पूर्व भी जिला प्रशासन को आवेदन दिया गया था, लेकिन शिक्षा विभाग की लापरवाही के कारण अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आठ दिनों के भीतर दोषी निजी विद्यालयों और संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। इस दौरान नईम अहमद, उबेद शेख, देवेंद्र चौहान एवं वसीम खिलजी अमित गोसन उपस्थित रहे।


