लोकतन्त्र में विपक्ष की आवाज को कुचलने का षड्यंत्र बर्दाश्त नहीं करेगी कांग्रेस” *देवास: कांग्रेस जिला महासचिव जितेंद्र सिंह गौड़ को ‘जिला बदर’ का नोटिस देने पर उबला राजनीतिक पारा; जिला कांग्रेस ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर जताया कड़ा आक्रोश****
देवास | मध्य प्रदेश में सत्ता के संरक्षण में विपक्ष के नेताओं को टारगेट करने और उनकी आवाज को दबाने की कोशिशों के विरोध में आज जिला कांग्रेस कमेटी ने मोर्चा खोल दिया है। जिला कांग्रेस संगठन महासचिव और शहर के प्रबुद्ध अधिवक्ता **जितेंद्र सिंह गौड़** को जिला प्रशासन द्वारा राजनीतिक द्वेषवश ‘जिला बदर’ का नोटिस थमाए जाने के बाद पूरे जिले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश व्याप्त है।आज जिला कांग्रेस अध्यक्ष (ग्रामीण) **मनीष चौधरी** एवं जिला अध्यक्ष (शहर) **प्रयास गौतम** के संयुक्त नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने जिलाधीश (कलेक्टर) कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और प्रशासन की इस एकतरफा कार्रवाई को “अघोषित आपातकाल” करार दिया।: *मनीष चौधरी***जिला अध्यक्ष मनीष चौधरी ने प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि, *”जितेंद्र सिंह गौड़ कोई अपराधी नहीं, बल्कि देवास की जनता के अधिकारों के रक्षक हैं। छात्र राजनीति (NSUI) से लेकर युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष के रूप में उन्होंने हमेशा किसानों, बेरोजगारों और पीड़ितों के लिए संघर्ष किया है। आज जब वे एक वरिष्ठ वकील के रूप में शासन की जनविरोधी नीतियों और शिक्षा के बढ़ते बाजारीकरण के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं, तो सरकार उन्हें जिला बदर कर देवास से दूर करना चाहती है। यह सीधे तौर पर लोकतंत्र की हत्या है।”*#### पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि **कानूनी तथ्यों की अनदेखी कर रहा है प्रशासन**कांग्रेस ने तथ्यों के साथ प्रशासन की पोल खोलते हुए बताया कि जितेंद्र सिंह गौड़ पर दर्ज पुराने तमाम राजनीतिक प्रकरणों में **न्यायालय द्वारा उन्हें दोषमुक्त (Acquitted)** किया जा चुका है। * जब माननीय न्यायालय ने उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया है, तो प्रशासन किस आधार पर उन्हें ‘असामाजिक तत्व’ मानकर जिला बदर की कार्रवाई कर रहा है? * एक प्रतिष्ठित नागरिक और कानून के जानकार (अधिवक्ता) के खिलाफ इस प्रकार की कार्रवाई यह दर्शाती है कि प्रशासन अब सरकारी मशीनरी का उपयोग विपक्ष को डराने के लिए कर रहा है।#### **ज्ञापन में उठाए गए गंभीर मुद्दे:** 1. **राजनीतिक प्रतिशोध:** भाजपा सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए जुझारू नेताओं को फर्जी मुकदमों और प्रशासनिक नोटिसों के जाल में फंसा रही है। 2. **लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन:** शांतिपूर्ण आंदोलन और ज्ञापन देना हर नागरिक का अधिकार है, जिसे ‘अपराध’ मानकर नोटिस देना असंवैधानिक है। 3. **पक्षपातपूर्ण रवैया:** एक ओर सत्ताधारी दल के दागी नेताओं पर कोई कार्रवाई नहीं होती, वहीं दूसरी ओर जनता की सेवा करने वाले कांग्रेसी नेताओं को ‘जिला बदर’ करने की धमकी दी जा रही है।**शहर अध्यक्ष **प्रयास गौतम** ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि, *”कांग्रेस पार्टी ईंट का जवाब पत्थर से देना जानती है। यदि जितेंद्र सिंह गौड़ के विरुद्ध यह दुर्भाग्यपूर्ण कार्रवाई तुरंत वापस नहीं ली गई, तो देवास जिले का एक-एक कार्यकर्ता सड़कों पर उतरेगा। हम जेल भरो आंदोलन करेंगे, लेकिन अपने नेता का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे।”*#### **उपस्थिति:**रितेश त्रिपाठी,मनोज राजानी, प्रदीप चौधरी,नीरज नागर, दीपेश कानूनगो,राहुल पवार,हर्षद गौड़ ,किशोर चौहान,एवं जिला कांग्रेस के तमाम वरिष्ठ नेता, पूर्व विधायक, पार्षद, मोर्चा संगठनों के अध्यक्ष, वकील साथी और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे, जिन्होंने एक स्वर में प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।


