जिले के नागरिक सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए 14 वर्ष की आयु की बेटियों को एचपीवी टीका लगावाये ।। क्यों है जरूरी जानिए

————-जिले की शासकीय संस्‍थाओं में किया जा रहा है निःशुल्क टीकाकरण————— देवास । महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने के उद्देश्य जिले में कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। जिले में 10 स्थानों पर यह टीकाकरण किया जा रहा है। जिसमें जिला चिकित्सालय देवास, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरोठा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विजयागंज मंडी, सिविल अस्पताल सोनकच्छ, सिविल अस्पताल खातेगांव, सिविल अस्पताल कन्नौद, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सतवास, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागली, सिविल अस्पताल हाटपीपल्‍या एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र टोंकखुर्द सम्मिलित हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सरोजिनी जेम्स बेक ने बताया कि महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर के खतरे को कम कर करने के लिए निःशुल्क टीकाकरण किया जा रहा है। एचपीवी टीकाकरण अंतर्गत 14 वर्ष पूर्ण कर चुकी एवं 15 वर्ष पूर्ण न करने वाली बालिकाओं (जिन्होंने अपना 14वां जन्मदिन मना लिया है लेकिन अभी तक अपना 15वां जन्मदिन नहीं मनाया है) को निःशुल्क एचपीवी का टीका लगाया जा रहा है । सीएमएचओ डॉ. बेक ने बताया कि यह टीका पूर्णतः सुरक्षित एवं प्रभावी है, जो सर्वाइकल कैंसर के खतरे को कम करने में सहायक है। सर्वाइकल कैंसर या गर्भाशय ग्रीवा कैंसर वह कैंसर है जो गर्भाशय के निचले सिरे में होता है। लगभग 99.7 प्रतिशत सर्वाइकल कैंसर या गर्भाशय ग्रीवा कैंसर उच्च जोखिम वाले ह्यूमन पैपिलोमा वायरस द्वारा जननांग पथ के लगातार संक्रमण के कारण होता है। विशेषज्ञों के अनुसार सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले प्रमुख कैंसरों में से एक है। इसी के मद्देनजर सरकार द्वारा किशोरी बालिकाओं के लिए एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम शुरू किया गया है। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ सुनील तिवारी ने बताया कि अभिभावक अपनी बेटियों का पंजीकरण यू-विन पोर्टल के माध्यम से कर सकते हैं एवं टीकाकरण प्रमाण पत्र भी यू-विन के माध्यम से डाउनलोड किये जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त चिन्हित शासकीय मेडिकल कॉलेज, जिला चिकित्सालय, सिविल अस्पताल एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में जाकर भी पंजीकरण एवं टीकाकरण कराया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए नजदीकी आशा कार्यकर्ता से संपर्क किया जा सकता है। डॉ. तिवारी ने बताया कि टीकाकरण के दिन अभिभावक अपनी बेटी के साथ मोबाइल फोन अवश्य लेकर आएं तथा आयु प्रमाण के रूप में आधार कार्ड, राशन कार्ड या स्कूल की मार्कशीट जैसे दस्तावेज साथ लाएं। अभिभावकों की सहमति के पश्चात ही टीका लगाया जाएगा। एचपीवी एक सुरक्षित प्रभावशील और मंहगा टीका है फिलहाल निजी बाजार में इसकी एक खुराक की कीमत लगभग 4 हजार रूपये है। अगर बालिका मासिक धर्म से गुजर रही है तो एचपीवी वैक्सीन लगवाना पूरी तरह सुरक्षित है ऐसा कोई सबूत नहीं है कि एचपीवी टीकाकरण से किसी बालिका की भविष्य की प्रजनन क्षमता प्रभावित होगी यो भविष्य में गर्भधारण में कोई समस्या उत्पन्न होगी। एचपीवी संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करने के लिए एक खुराक पर्याप्त है। जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग ने चिन्हित आयु वर्ग की बालिकाओं के अभिभावकों से आग्रह किया है कि वे अपनी किशोरी बालिकाओं का एचपीवी टीकाकरण अवश्य कराएं और उन्हें सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित भविष्य प्रदान करने में सहयोग करें।

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