मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा जारी वन विभाग एवं जेल विभाग की सीधी भर्ती परीक्षा–2026 के नोटिफिकेशन में अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के लिए पदों का शून्य या नगण्य निर्धारण किए जाने पर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है।

भोपाल। आज़ाद समाज पार्टी कांशीराम, मध्यप्रदेश के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनिल अस्तेय ने इस मुद्दे पर कड़ा विरोध जताते हुए कहा,
“कागज़ों में 15–16% आरक्षण और ज़मीन पर 0% प्रतिनिधित्व — यह सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के साथ अन्याय है। SC वर्ग को मिला आरक्षण किसी की दया नहीं, बल्कि संविधान द्वारा दिया गया अधिकार है। इसे प्रशासनिक बहाने से समाप्त नहीं किया जा सकता।”

उन्होंने राज्य सरकार से सीधा सवाल किया कि क्या भर्ती में SC वर्ग को 16% आरक्षण के अनुरूप हिस्सेदारी दी गई है? यदि नहीं, तो यह संवैधानिक दायित्वों की अनदेखी है।

सुनिल अस्तेय ने मांग की कि भर्ती प्रक्रिया की तत्काल पुनः समीक्षा कर संशोधित नोटिफिकेशन जारी किया जाए और SC वर्ग के लिए निर्धारित आरक्षण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र सुधारात्मक कदम नहीं उठाए, तो विपक्ष सदन से लेकर सड़क तक लोकतांत्रिक संघर्ष करेगा। राज्य में इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक माहौल गर्माने के संकेत मिल रहे हैं।


