देवास । जिले के कांटाफोड़ पुलिस ने 72 घंटे में किया अंधे कत्ल का खुलासा तीन आरोपी को किया गिरफ्तार*आपको बता दे कांटाफोड़ पुलिस ने अंधे कत्ल की गुत्थी महज 72 घंटे में सुलझाते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आज प्रेसवार्ता मे जानकारी देते हुए एसडीओपी संजय सिंह बैस एवं कांटाफोड़ थाना प्रभारी कैलाशचंद्र चौहान ने बताया की मृतक के अपनी भाभी के साथ अवैध संबंध होने की आशंका के चलते हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। मामले में एक आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश पुलिस द्वारा की जा रही है। 27 अगस्त ग्राम इकलेरा निवासी कमल पिता बाबूलाल चौहान 50 की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। सूचना पर कांटाफोड़ पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। मृतक के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान पाए जाने पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। एफएसएल टीम ने घटनास्थल से परिस्थितिजन्य एवं भौतिक साक्ष्य जुटाकर, तकनीकी साक्ष तथा परिजनों के कथनों के आधार पर पुलिस ने हत्या की जांच प्रारंभ की। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की।पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी किशन पिता हजारीलाल, उम्र 21 वर्ष, निवासी इकलेरा को आशंका थी कि उसकी भाभी के मृतक कमल के साथ अवैध संबंध हैं। इसी आशंका के चलते किशन ने अपने साथियों बुद्धन पिता मंगरिय डावर तथा प्रहलाद पिता मंगरिय डावर दोनों निवासी सुतारियापुरा के साथ मिलकर कमल की हत्या की साजिश रची। पुलिस के लगातार प्रयास के बाद तीनों आरोपियों को सुरमन्या के जंगल से पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपियों ने वारदात में शामिल होना स्वीकार किया। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से पुलिस रिमांड प्राप्त कर आगे की कार्यवाही की जा रही है।मामले में एक आरोपी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। उक्त कार्यवाही पुलिस अधीक्षक देवास अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं अनुविभागीय अधिकारी बागली के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी कांटाफोड़ कैलाशचन्द्र चौहान के नेतृत्व में की गई। कार्यवाही में उपनिरीक्षक राजेश बारेला, उपनिरीक्षक विनयसिंह बघेल, उपनिरीक्षक बीएस भीलाला, प्रधान आरक्षक रामवीर सिंह सोलंकी,यतीश तिवारी,ओमप्रकाश पाटीदार, अशोक शर्मा, मोहनसिंह बघेल, सचिन चोहान सायबर सेल देवास, आरक्षक दिनेश भाबर, प्रकाश सोलंकी, रोहित गुर्जर, जयदेव सराठे, संजय सिंह, दुर्गेश, आरक्षक युवराज (सायबर सेल कन्नौद), महिला आरक्षक प्रियंका, रेखा, सिमरन की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


