निजी स्कूलों की मनमानी फीस, किताब-ड्रेस खरीद और आरटीई विद्यार्थियों के हितों की सुरक्षा की मांग, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

देवास। समाजसेवी पं. रितेश त्रिपाठी ने जिला कलेक्टर को आवेदन सौंपकर जिले के निजी विद्यालयों में मनमानी फीस वसूली, ड्रेस एवं किताबों की अनिवार्य खरीद, पुस्तकों के मूल्य में कथित अनियमितताओं तथा आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के तहत अध्ययनरत विद्यार्थियों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। आवेदन में बताया गया कि जिले के कई निजी विद्यालय अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डाल रहे हैं। आरोप है कि कुछ विद्यालय अभिभावकों को एक ही निर्धारित दुकान से ड्रेस, किताबें और अन्य शैक्षणिक सामग्री खरीदने के लिए बाध्य करते हैं, जिससे उन्हें अधिक कीमत चुकानी पड़ती है। साथ ही पुस्तकों के मूल्य एवं अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) को लेकर भी अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि कई निजी विद्यालय विभिन्न मदों के नाम पर मनमाने ढंग से फीस वृद्धि एवं अतिरिक्त शुल्क वसूल रहे हैं, जिससे सामान्य एवं मध्यमवर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। पं. रितेश त्रिपाठी ने मांग की है कि जिले के सभी निजी विद्यालयों की फीस, ड्रेस एवं किताबों की बिक्री व्यवस्था की जांच कराई जाए। किसी भी विद्यालय द्वारा अभिभावकों को किसी विशेष दुकान से सामग्री खरीदने के लिए बाध्य करने पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा पुस्तकों के मूल्य और एमआरपी संबंधी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। आवेदन में यह भी मांग की गई कि सभी निजी विद्यालयों में शासन एवं शिक्षा विभाग के नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए। आरटीई के अंतर्गत प्रवेश प्राप्त विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के लिए यह व्यवस्था की जाए कि यदि किसी विद्यालय की मान्यता समाप्त हो जाती है या उसका संचालन बंद हो जाता है, तो ऐसे विद्यार्थियों की शिक्षा बिना किसी अतिरिक्त आर्थिक बोझ के अन्य मान्यता प्राप्त विद्यालय में जारी रहे। आवश्यकता होने पर इस संबंध में शासन स्तर पर भी अनुशंसा भेजी जाए। इसके अलावा सभी निजी विद्यालयों में फायर सेफ्टी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है। ज्ञापन के माध्यम से कलेक्टर से समस्त बिंदुओं पर गंभीरता से जांच कर दोषी संस्थानों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की मांग की गई, ताकि अभिभावकों और विद्यार्थियों को राहत मिल सके।

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