एलपीजी और पीएनजी गैस में उलझा उपभोक्ता ।। कांग्रेस नेताओं ने जनसुनवाई में दिखाया अपना रूख

गैस एजेंसियों द्वारा ओटीपी आने के बाद भी नहीं दे रहे सिलेंडर जिलाधीश को की शिकायत

देवास। शहर कांग्रेस कमेटी सचिव नईम एहमद ने पं. रितेश त्रिपाठी के नेतृत्व में जनसुनवाई में जिलाधीश ऋतुराज सिंह एवं अपर कलेक्टर से संयुक्त मुलाकात की आवेदन देकर बताया कि जिले में एलपीजी सिलेंडर के उपभोक्ता की संख्या ज्यादा है। एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग करते है तो ओटीपी आता है परंतु दो दिन बाद उपभोक्ता को पता चलता है की उपभोक्ता को सिलेंडर देने का मना कर दिया जाता है कि आपके घर एवं गली में पीएनजी की लाइन है तो आपको सिलेंडर नहीं दिया जावेगा हमारे द्वारा गेल गैस प्राइवेट लिमिटेड से चर्चा करने पर पता चला कि देवास शहर मे 8000 से अधिक कनेक्शन वैटिंग मे है और सिलेंडर की काला बाजारी की जा रही है एजेंसी द्वारा एलपीजी सिलेंडर 2000 से 3000 से भी अधिक तक की काला बाजारी एजेंसी द्वारा की जा रही है एवं सिलेंडर हकार्स के द्वारा कहा जाता है की एजेंसी मालिक के द्वारा निर्देश दिया गया है की जहा पर भी पीएनजी लाइन है वहा पर गैस सिलेंडर देने से मना कर दिया गया है। नईम एहमद ने जिलाधीश से मांग की है कि देवास शहर में पीएनजी की लाइन 2009 से घर-घर देना चालू कर दिया गया है प्रत्येक कालोनी मे गैस की लाइन है अतः निवेदन है की देवास शहर की गैस एजेंसीयो के लाईसेंस निरस्त किया जावे। क्योंकि उनके अनुसार देवास शहर में सभी जगह गैस लाइन उपलब्ध है। तीनों गैस एजेंसी (एचपी,भारतगैस, इंडियन) गैस एजेंसी के सेल्समन को खाद्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के उपस्थिति में वितरण किया जाए एवं सम्बन्धित एजेंसियों वितरण एवं स्टॉक प्रतिदिन सार्वजनिक हो जिससे पता चले कि सम्बन्धित एजेंसियों के द्वारा आम उपभोक्ता को कितने सिलेंडर वितरित की है एवं कितना स्टॉक शेष है एवं भारतीय दंड संहिता के अनुसार काला बाजारी करने वाले एजेंसी के मालिकों पर कार्यवाही की जाए। नहीं तो 8 दिन के बाद गैस एजेंसी की ऑफिस पर धरना दिया जाएगा इस अवसर पर उपाध्यक्ष कांग्रेस कमेटी कमेटी शाजी हाशमी, कल्याण सिंह पवार, शहर कांग्रेस कमेटी महामंत्री महेंद्र घारु,धर्मेंद्र कुशवाहा एडवोकेट, अल्पसंख्यक प्रदेश सचिव नवाब मिर्जा, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षप्रतीक शास्त्री, नीरज नागर, बिल्लू उबेद शेख, सरफराज अहमद सिद्दीकी, अमित गोसेन आदि उपस्थित थे।

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