
देवास: मानवता की सेवा और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में आज देवास का अमलतास मेडिकल कॉलेज एक ऐतिहासिक पल का साक्षी बना। सेवाधाम आश्रम (अंकितग्राम) में निवासरत देहदान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी (मीसाबंदी) 73 वर्षीय देवव्रत चौधरी का देहदान संकल्प मंगलवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ पूर्ण हुआ।मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार, देहदानियों को सर्वोच्च सम्मान देने के लिए अमलतास मेडिकल कॉलेज परिसर में पुलिस विभाग की टुकड़ी द्वारा ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ प्रदान किया गया। इस भावुक क्षण के दौरान वहां उपस्थित पुलिस बल, कॉलेज डीन डॉ.ए.के. पिठावा,एनाटॉमी विभाग के हेड डॉ. करखायले एम. एल, मेडिकल छात्र, डॉक्टर्स और परिजनों ने नम आंखों से इस महान आत्मा को अंतिम विदाई दी।यह पुनीत कार्य सेवाधाम आश्रम, ग्राम अम्बोदिया (उज्जैन) के संस्थापक श्री सुधीर भाई गोयल के विशेष प्रयासों से संपन्न हुआ। गोयल जी ने बताया कि आयुष विभाग के निर्देशों और मृतकों की अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए यह देहदान किया गया है। उन्होंने कहा, “यह देहदान न केवल चिकित्सा जगत के शोध में मील का पत्थर साबित होगा, बल्कि भविष्य के डॉक्टरों को मानव शरीर की जटिलताओं को समझने में भी मदद करेगा।

अमलतास कॉलेज के डीन डॉ. ए.के. पीठवा द्वारा संस्थापक श्री सुधीर भाई गोयल जी को सम्मान पत्र भेट किया गया देहदान अधिकारी, श्री गजानंद चौहान, ने देहदान की प्रक्रिया की जानकारी दी और इसे संपन्न कराया।अमलतास वेलफेयर सोसायटी के चेयरमैन महोदय ने श्री सुधीर भाई गोयल जी के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समाज को ऐसे महान कार्यों से प्रेरणा लेनी चाहिए। जब कोई व्यक्ति अपनी देह दान करता है, तो वह समाज को जीवन देने वाले नए डॉक्टरों के निर्माण में अपना सर्वोच्च योगदान देता है।


